UP School Winter Vacation 2026: उत्तर प्रदेश में सर्दी ने इस बार अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लगातार गिरते तापमान, शीतलहर और घने कोहरे ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की दिनचर्या को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग ने UP School Winter Vacation को लेकर बड़ा और जरूरी फैसला लिया है।
प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों में 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना है। UP School Winter Vacation का यह ऐलान ऐसे समय में किया गया है, जब सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है और बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश पूरी तरह सख्ती से लागू होगा और सभी जिलों में एक समान रहेगा।
UP School Winter Vacation 2026
UP School Winter Vacation केवल एक सामान्य छुट्टी नहीं है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा हुआ फैसला है। सर्दियों के इस चरम दौर में छोटे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। ऐसे में सुबह-सुबह ठंड और कोहरे में स्कूल जाना उनके लिए खतरनाक हो सकता है। इसी वजह से बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में एकसमान शीतकालीन अवकाश लागू किया है। इस अवकाश का सीधा फायदा यह है कि बच्चों को पर्याप्त आराम मिलेगा और वे ठंड से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रह सकेंगे। साथ ही, अभिभावकों की चिंता भी काफी हद तक कम होगी। UP School Winter Vacation का असर शिक्षकों और स्कूल प्रशासन पर भी पड़ा है, क्योंकि छुट्टियों से पहले सभी जरूरी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में हालात और ज्यादा गंभीर हैं, जहां बच्चे पैदल या साइकिल से स्कूल जाते हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने समय रहते यह फैसला लिया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
किन स्कूलों पर लागू होगा अवकाश
यह शीतकालीन अवकाश प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर लागू होगा। इसमें कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र शामिल हैं। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी यही नियम लागू रहेगा। निजी स्कूलों को भी जिला प्रशासन की ओर से इसी तरह के दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
शिक्षकों के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी शिक्षक 30 दिसंबर तक अपने-अपने विद्यालयों में लंबित कार्यों को पूरा कर लें। इसमें छात्र उपस्थिति रिकॉर्ड, शैक्षणिक रजिस्टर, परीक्षा से संबंधित दस्तावेज और अन्य प्रशासनिक फाइलें शामिल हैं। छुट्टियों के दौरान स्कूल परिसर पूरी तरह बंद रहेंगे, इसलिए किसी भी तरह का कार्य लंबित नहीं छोड़ा जाएगा।
15 जनवरी से स्कूल खुलने का आदेश
शीतकालीन अवकाश 14 जनवरी 2026 तक रहेगा, क्योंकि इस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। विभागीय आदेश के अनुसार, 15 जनवरी से सभी स्कूल अपने नियमित समय और व्यवस्था के अनुसार दोबारा खुलेंगे। उस समय तक मौसम में कुछ सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
अभिभावकों और छात्रों को मिली राहत
इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से वे अपने बच्चों को ठंड में स्कूल भेजने को लेकर चिंतित थे। कई जगहों पर बच्चे बीमार भी पड़ रहे थे। शीतकालीन अवकाश से बच्चों को न सिर्फ आराम मिलेगा, बल्कि वे घर पर सुरक्षित भी रहेंगे।
शीतकालीन अवकाश से पहले अपनाई जाने वाली प्रक्रिया (Stepwise Process)
Step 1:
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मौसम की स्थिति की समीक्षा की जाती है।
Step 2:
मौसम विभाग की रिपोर्ट और जिलों से प्राप्त फीडबैक का विश्लेषण किया जाता है।
Step 3:
शिक्षक संगठनों और जिला शिक्षा अधिकारियों से सुझाव लिए जाते हैं।
Step 4:
राज्य स्तर पर अवकाश की तिथि और अवधि तय की जाती है।
Step 5:
सभी जिलों को आधिकारिक आदेश जारी किए जाते हैं।
Step 6:
शिक्षकों को अवकाश से पहले सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए जाते हैं।
शीतकालीन अवकाश के दौरान स्कूलों की स्थिति
अवकाश के दौरान स्कूलों में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि नहीं होगी। स्कूल परिसर बंद रहेंगे और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जरूरी रिकॉर्ड पहले ही सुरक्षित स्थान पर रखे जाएंगे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक ठंड में बच्चों को घर पर रखना ज्यादा सुरक्षित होता है। सुबह के समय ठंडी हवा और कोहरे में बाहर निकलना बच्चों के फेफड़ों और इम्यून सिस्टम पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए शीतकालीन अवकाश को एक सकारात्मक और आवश्यक कदम माना जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
हालांकि छुट्टियों से पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन विभाग का मानना है कि बच्चों का स्वास्थ्य प्राथमिकता है। स्कूल खुलने के बाद अतिरिक्त कक्षाओं और बेहतर योजना के जरिए सिलेबस को संतुलित किया जा सकता है।
मौसम सामान्य होने तक सतर्कता जरूरी
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे छुट्टियों के दौरान भी बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। शीतलहर खत्म होने तक सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।