Bihar Winter Vacation 2026: कड़ाके की ठंड के बीच, बिहार में छुट्टियों का ऐलान, नई डेट जारी

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Bihar Winter Vacation 2026 को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी समझा गया। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप जारी है और तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। इस स्थिति को देखते हुए Bihar Winter Vacation 2026 के तहत जिला प्रशासन ने स्कूलों को कुछ दिनों तक बंद रखने का आदेश दिया है। कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। स्कूलों के साथ-साथ प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी यह आदेश लागू किया गया है। प्रशासन की ओर से यह कदम छात्रों की सेहत और जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

Bihar Winter Vacation 2026 को लेकर सरकार का बड़ा कदम

बिहार में जारी कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर छोटे बच्चों के लिए सुबह-सुबह स्कूल जाना खतरनाक साबित हो सकता है। तापमान में गिरावट, शीतलहर और कोहरे की वजह से सड़कों पर दृश्यता भी काफी कम हो गई है। ऐसे में बच्चों के लिए स्कूल जाना न केवल कठिन हो गया है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह स्थिति नुकसानदायक है। Bihar Winter Vacation 2026 के तहत जिला प्रशासन ने समय रहते चेतावनी जारी कर दी है। इस निर्णय से न सिर्फ बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि अभिभावकों को भी चिंता से छुटकारा मिलेगा। इस बार सरकार ने ना केवल छुट्टियों की घोषणा की है बल्कि स्पष्ट निर्देश भी दिए हैं कि स्कूल प्रबंधन समय के अनुसार कक्षाओं का पुनर्निर्धारण करे। ऐसे में यह फैसला पूरी तरह बच्चों के हित में माना जा रहा है।

स्कूलों की बंदी का आदेश किस पर लागू होगा

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह बंदी सभी सरकारी, गैर सरकारी, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू होगी। इसके साथ ही सभी प्री-स्कूल और छोटे बच्चों के लिए चलाए जा रहे शैक्षणिक संस्थानों को भी इस दायरे में रखा गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।

बंद का समय और प्रभावी तिथियां

  1. आदेश 4 जनवरी 2026 से प्रभाव में आ गया है और यह 8 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।
  2. इस अवधि में कक्षा 8वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
  3. कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल पूरी तरह बंद नहीं होंगे लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है।
  4. अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे।

स्टेपवाइज प्रक्रिया जो स्कूलों को अपनानी होगी

  1. आदेश की जानकारी देना: सभी विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आदेश की जानकारी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों तक समय पर पहुंचाई जाए।
  2. समय का पुनर्निर्धारण: कक्षा 9 से 12 तक के लिए संशोधित समय के अनुसार संचालन की तैयारी करनी होगी।
  3. विशेष कक्षाओं की अनुमति: केवल बोर्ड व प्री-बोर्ड परीक्षा से संबंधित कक्षाएं ही निर्धारित समय के बाहर चलाई जा सकती हैं।
  4. स्वास्थ्य नियमों का पालन: तापमान कम होने की स्थिति में हीटर या गर्म कपड़ों की व्यवस्था की जाए, ताकि छात्र सुरक्षित रहें।
  5. लापरवाही पर कार्रवाई: यदि कोई भी स्कूल आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

किन जिलों में लागू हुआ यह आदेश

बिहार के कई जिलों में यह आदेश लागू किया गया है। नालंदा और भागलपुर में 5 जनवरी से 8 जनवरी तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई बंद है। औरंगाबाद जिले में 5 से 7 जनवरी तक कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेंगी, वहीं कक्षा 9 से ऊपर की पढ़ाई सुबह 11 बजे से 3:30 बजे तक होगी। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, मोतिहारी और गया जैसे जिलों में सभी स्कूल 7 जनवरी तक स्थगित कर दिए गए हैं।

मुंगेर और पश्चिम चंपारण में भी अलर्ट

मुंगेर में भी सभी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों को 8वीं तक बंद करने का आदेश दिया गया है। यहां आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी गई है, ताकि बच्चों को गर्म खाना दिया जा सके। वहीं पश्चिम चंपारण में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कक्षा 12 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 4 से 6 जनवरी तक रोक लगा दी है। सिवान जिले में भी यही नियम लागू किया गया है।

मधेपुरा में नई समय-सारणी के साथ स्कूल संचालन

मधेपुरा में भी डीएम ने कक्षा 8 तक के स्कूलों को 7 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। यहां कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित करने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में आदेश का उल्लंघन न हो।

छात्रों के लिए बड़ी राहत

छोटे बच्चों के लिए यह फैसला काफी राहत देने वाला है। कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह स्कूल जाने से उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जैसे सर्दी, खांसी, बुखार या सांस की तकलीफ। प्रशासन ने ठंड को गंभीरता से लेते हुए यह फैसला लिया है। अभिभावक भी इस फैसले से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इस तरह का कदम दिखाता है कि सरकार और प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

स्कूल प्रबंधन को क्या करना होगा

  1. प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना होगा।
  2. स्कूल टाइमिंग में बदलाव को लेकर अभिभावकों को सूचित करना अनिवार्य है।
  3. किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
  4. बोर्ड परीक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े, इसका खास ध्यान रखना होगा।
  5. ठंड से सुरक्षा के उपाय जैसे गर्म पानी, हीटर और गर्म कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

सरकार का संदेश साफ

इस बार सरकार ने न सिर्फ स्कूल बंद किए हैं, बल्कि समय रहते कदम उठाकर यह दिखा दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की संभावना जताई है, ऐसे में यह कदम और भी जरूरी हो जाता है। आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

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